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    हिंदी तकनीकी कार्यशाला/संगोष्ठी

    • इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा आयोजित हिंदी तकनीकी कार्यशाला/संगोष्ठी का शुभारंभ श्री एस. कृष्णन, सचिव, MeitY, श्री अभिषेक सिंह, महानिदेशक, एनआईसी, श्री अमितेश सिन्हा, अपर सचिव, MeitY तथा सुश्री तूलिका पांडे, समूह समन्वयक, MeitY द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। यह आयोजन तकनीकी क्षेत्र में हिंदी के उपयोग और प्रसार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

    • अपर सचिव, MeitY श्री अमितेश सिन्हा ने तकनीकी क्षेत्र में हिंदी के महत्व पर बल दिया। डिजिटल युग में तकनीक का लाभ तभी सार्थक होगा, जब वह आमजन की भाषा में उपलब्ध हो। हिंदी को तकनीकी कार्यों और ई-गवर्नेंस में अपनाने की आवश्यकता है, ताकि सेवाएं जन-सुलभ व प्रभावी बन सकें।

    • श्री अभिषेक सिंह, महानिदेशक, एनआईसी ने हिंदी तकनीकी कार्यशाला/संगोष्ठी में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को हिंदी राजभाषा एवं मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में भी हिंदी के प्रोत्साहन हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। श्री अभिषेक सिंह ने तकनीकी शब्दावली के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हमें ऐसी तकनीकी हिंदी शब्दकोश विकसित करनी चाहिए, जिससे तकनीकी शब्दों को सरल हिंदी में लिखा व समझा जा सके। उन्होंने बताया कि आज एपीआई के माध्यम से ई-ऑफिस में हिंदी में नोट शीट लिखना संभव हो गया है।

    • श्री एस. कृष्णन, सचिव, MeitY ने हिंदी तकनीकी कार्यशाला/संगोष्ठी में अपने संबोधन में राजभाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजभाषा का एक प्रमुख उद्देश्य शासन और तकनीक को आमजन तक सुलभ बनाना है। इतिहास में राजभाषा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीकी युग में यदि तकनीक केवल अंग्रेज़ी तक सीमित रहेगी,तो आम लोगों को उसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए आवश्यक है कि तकनीक में प्रयुक्त शब्दों को सरल व सहज भाषा में प्रस्तुत किया जाए।

    • सुश्री तूलिका पांडे, समूह समन्वयक, MeitY, ने हिंदी तकनीकी कार्यशाला की सफलता के लिए MeitY और NIC का धन्यवाद किया। हिंदी में नोटिंग, ड्राफ्टिंग, ईमेल जैसी विभिन्न सेवाओं को जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मंत्रालयों में हिंदी में कार्य करना और भी सरल हो जाएगा।

    • हिंदी तकनीकी कार्यशाला/संगोष्ठी के दौरान श्री अजय माधुकर जोशी, उप-महानिदेशक, एनआईसी ने तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि तकनीकी शब्दों की हिंदी शब्दकोश (डिक्शनरी) पर कार्य शुरू हो चुका है और इसे जल्द ही अन्य विभागों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से हिंदी में तकनीकी सामग्री को अधिक सुलभ और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा।

    • तकनीकी हिंदी संगोष्ठी के दौरान विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट शोध लेख प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को श्री अजय मधुकर जोशी, उप महानिदेशक, राजभाषा, श्री आर के अग्रवाल, प्रभागध्यक्ष, राजभाषा, एवं श्री शिव कुमार निगम, संयुक्त निदेशक द्वारा सम्मानित किया गया।